पंच परिवर्तन मे समाज की भूमिका सुनिश्चित करने का प्रयास वृत्त

पंच परिवर्तन मे समाज की भूमिका सुनिश्चित करने का प्रयास 

1. अध्येता वक्ता प्रबोधन कार्यशाला

पंच परिवर्तन के विचार को समाज में निचले स्तर तक ले जाने हेतु समाज के नेतृत्व कर्ता विचारक एवं अध्येता का समागम अध्येता वक्ता प्रबोधन कार्यशाला के रूप में संपन्न हुआ।

 अपेक्षित :- इस कार्यशाला में निम्नलिखित सामाजिक संवर्ग अपेक्षित थे-

. शैक्षणिक गतिविधियों का नेतृत्व करने वाले, जैसे : विद्यालय, कोचिंग संस्थान , महाविद्यालय एवं विश्वविद्यालय आदि के संचालक एवं पढ़ाने वाले शिक्षक, प्राध्यापक (सेवारत एवं सेवानिवृत्त) आदि।

. सामाजिक राजनैतिक कार्यो में सक्रिय नेतृत्व करने वाले व्यक्ति जैसे : मुखिया, पूर्व मुखिया, जिला परिषद, पूर्व जिला परिषद, भविष्य में राजनैतिक रूप से सक्रिय होने वाले कार्यकर्ता।

3. लेखक, पत्रकार, यूटूबर एवं अन्य सोशल साइट्स संचालक के सक्रिय कार्यकर्ता आदि।

4. समजाभिमुख संगठन के कार्यकर्ता  वक्तृत्व गुणसम्पन्न विद्यार्थी एवं जागरूक कार्यकर्ता ।  कार्यशाला के अंतर्गत पाँच निम्नलिखित विषयों पर प्रबोधन कार्यशाला सत्र का आयोजित किए गए विषयानुसार वक्ताओ का प्रशिक्षण सम्पन्न हुआ विवरण

 

क्रमांक

विषय

संवर्ग 1

संवर्ग 2

संवर्ग 3

संवर्ग 4

योग

1

पर्यावरण

12

15

5

3

35

2

कुटुंब प्रबोधन

13

12

6

6

37

3

सामाजिक समरसता

8

16

18

8

50

4

स्व का जागरण

10

6

5

9

30

5

नागरिक कर्तव्य

6

9

9

14

38

 

योग

49

58

43

40

190

2. वक्ताओ का प्रवास एवं प्रबोधन/गोष्ठी का आयोजन

वक्ताओ के तैयारी पूर्ण होने पर समाज के प्रबोधन की योजना मे ग्रामीण क्षेत्र मे खंड  स्तरीय जिसमे सभी ग्रामों के उपस्थिति का लक्ष्य रखा गया और शहरी क्षेत्र मे संवर्ग अनुसार प्रबोधन की योजना बनी ।

वक्ताओ का प्रवास एवं प्रबोधन/गोष्ठी का आयोजन विवरण निम्न है ।

क्रमांक

गोष्ठी विषय

कुल गोष्ठी /कार्यक्रम

वक्ताओ का प्रवास

उपस्थित संख्या

पुरुष

महिला

स्थानों का प्रतिनिधित्व

1

पर्यावरण

6

24

360

227

133

89

2

कुटुंब प्रबोधन

12

30

553

352

201

121

3

सामाजिक समरसता

9

41

775

515

260

175

4

स्व का जागरण

12

28

924

648

276

201

5

नागरिक कर्तव्य

13

33

590

418

172

80

 

योग

52

156

3202

2160

1042

666

 परिणाम :-पिछले वर्ष के प्रतिनिधि सभा 2024  में सामाजिक दृष्टि से पंच परिवर्तन पर कार्य करने की अभिलाषा व्यक्त की गई थी । जिसमें सामाजिक दृष्टि के अंदर पंच परिवर्तन के द्वारा समाज की सज्जन शक्ति और विभिन्न संस्थाओं को एक साथ प्रयास करते हुए पांच परिवर्तन को स्थानीय एवं राष्ट्रीय विमर्श का विषय बनाने की अनुशंसा की गई थी । उपरोक्त प्रयास से स्थानीय स्तर पर पर्यावरण ,कुटुंब प्रबोधन ,सामाजिक समरसता सहित स्व के जागरण का क्रम चल पड़ा है और नागरिक कर्तव्य के प्रति जागरूकता के दृश्य भी परिलक्षित होने लगे है ।

 

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