अनुसूचित जाति समूहों पर पॉलिटिकल इस्लाम के कारिंदों की कुदृष्टि रहती है।
आर्थिक तथा सामाजिक रूप से कमजोर तथा राजनीतिक रूप से परिधि पर रहनेवाले अनुसूचित जाति समूहों पर इस पॉलिटिकल इस्लाम के कारिंदों की कुदृष्टि रहती है। Share कभी वामपंथियों द्वारा स्थापित झूठे ऐतिहासिक तथ्यों की चर्चा करते हुए इन्हें सांत्वना देकर तो कभी भारतीयता के उभार को पुनः सामंतवादी शक्तियों के रूप में परिभाषित कर यह पॉलिटिकल इस्लाम अनुसूचित जाति के हमारे बंधु-भगिनियों के मन-मस्तिष्क को प्रदूषित करता है। इस कार्य के लिए धन की व्यवस्था बड़े-बड़े धनी इस्लामी व्यक्तियों तथा समूहों के द्वारा की जाती है। ग्रामीण क्षेत्रों में मुस्लिम बस्तियों में रात-रात भर चलने वाली मजलिसें तथा बैठकें पॉलिटिकल इस्लाम को प्रचार-प्रसार देने का एक प्रकल्प है। सकुचाया हिन्दू समाज ऐसी गतिविधियों को देखता है पर स्वभाववश इससे दृष्टि फेर लेता है। पॉलिटिकल इस्लाम के खतरे से बचने के लिए अभिव्यक्ति के ख़तरे उठाने होंगे। आपका तो नहीं जानता परंतु अपने क्षेत्र की रक्षा हेतु मैं तैयार हूँ। छोड़ेंगे नहीं जबतक तोड़ेंगे नहीं। आभार:- https://www.facebook.com/share/1A9KFWX3G9/
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